CG—जिस गड्ढे में काम कर रहा था मजदूर, वही बन गई उसकी कब्र,,20 फीट नीचे कर रहा था पाइपलाइन का काम, ऊपर से जेसीबी ने डाल दी मिट्टी,, इधर बाकी मजदूरों को भनक नहीं,,चार दिन बाद खुदाई में मिला शव, लोगों में आक्रोश


कांकेर 1 अगस्त 2026:— कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हिंगनझर में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान हुई एक बड़ी लापरवाही ने एक मजदूर की जान ले ली। करीब चार दिनों तक लापता रहे 30 वर्षीय मजदूर रामदेव आंचला का शव शुक्रवार को उसी स्थान से बरामद हुआ, जहां वह पाइपलाइन के लिए खोदी गई नाली में काम कर रहा था। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि शव मिट्टी के अंदर बैठी अवस्था में मिला, जिसे देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीण और पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए।
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार 28 जुलाई को रामदेव आंचला पाइपलाइन के लिए खोदी गई नाली में घरेलू नल कनेक्शन जोड़ने का काम कर रहा था। इसी दौरान पीछे से जेसीबी मशीन द्वारा गड्ढा भरने का कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि जेसीबी चालक को यह पता नहीं चल सका कि गड्ढे के भीतर एक मजदूर काम कर रहा है। देखते ही देखते मशीन से डाली गई मिट्टी के नीचे रामदेव दब गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि उसे बाहर निकलने या मदद के लिए आवाज लगाने तक का मौका नहीं मिला।
घटना के समय अन्य मजदूर करीब 20 से 40 मीटर दूर काम कर रहे थे, इसलिए किसी को इस हादसे की भनक तक नहीं लगी। दोपहर में भोजन के समय जब रामदेव नहीं पहुंचा तो साथियों ने उसकी तलाश शुरू की। उसका मोबाइल फोन भी मिलाने का प्रयास किया गया। शुरुआत में फोन की घंटी बजती रही, लेकिन बाद में मोबाइल बंद हो गया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास के इलाके में काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। आखिरकार कच्चे चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
लगातार चार दिनों तक तलाश के बाद शुक्रवार 31 जुलाई को पुलिस, ग्रामीणों और ग्राम सरपंच की मौजूदगी में उस स्थान पर दोबारा खुदाई कराई गई, जहां रामदेव आखिरी बार काम करते देखा गया था। करीब 10 मीटर तक खुदाई करने के बाद मिट्टी के भीतर बैठी अवस्था में उसका शव बरामद हुआ। शव मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा। लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जेसीबी चालक के साथ मारपीट कर दी। वही पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए चालक को हिरासत में ले लिया। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भानुप्रतापपुर अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पूछताछ में जेसीबी चालक विजय राजपूत ने पुलिस को बताया कि वह दूसरी ओर से गड्ढा भरते हुए आगे बढ़ रहा था। उसे वहां कोई मजदूर दिखाई नहीं दिया और उसे यह जानकारी भी नहीं थी कि गड्ढे के अंदर कोई काम कर रहा है। मजदूर के लापता होने की जानकारी लंच के समय मिली, जिसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई।
मामले में एसडीओपी शेर बहादुर सिंह ने बताया कि मृतक मजदूर हिंगनझर का निवासी था और गड्ढे में नल कनेक्शन का काम कर रहा था। इसी दौरान जेसीबी से उसके ऊपर मिट्टी डाल दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक हादसे ने नल-जल योजना के निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों, मजदूरों की निगरानी और कार्यस्थल पर बरती जाने वाली सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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