रायपुर में आदिवासी कांग्रेस का महामंथन, जल-जंगल-जमीन के लिए बड़े आंदोलन की बनेगी रणनीति


रायपुर 26 अगस्त 2026:— छत्तीसगढ़ प्रदेश आदिवासी कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक आज राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में आयोजित हुआ। आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया की मौजूदगी में हो रही इस बैठक में प्रदेशभर के वरिष्ठ आदिवासी नेता, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए हैं।

बैठक को लेकर कांग्रेस ने व्यापक तैयारी की है। बैठक दो सत्रों में होने की जानकारी है। पहले सत्र में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रदेश पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की बैठक होगी, जबकि दूसरे सत्र में आदिवासी कांग्रेस सलाहकार समिति की बैठक होगी।
बैठक का मुख्य फोकस जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के अधिकार, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और आदिवासी क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर है। इन मुद्दों को लेकर आने वाले दिनों में प्रदेशभर में बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार किए जाने की संभावना है।
विक्रांत भूरिया का संबोधन:— बैठक को संबोधित करते हुए आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि आदिवासी समाज अपने जल, जंगल और जमीन के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों का सदियों से संरक्षक रहा है।
उन्होंने कहा कि संविधान ने आदिवासी समाज को जो अधिकार दिए हैं, उनकी रक्षा करना सरकार और व्यवस्था की जिम्मेदारी है। जहां कहीं भी आदिवासियों की जमीन, जंगल, संस्कृति या संवैधानिक अधिकार प्रभावित होंगे, वहां कांग्रेस आदिवासी समाज की आवाज बनकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगी।
भूरिया ने कहा कि “हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति या किसी समाज के खिलाफ नहीं है, हमारा संघर्ष अधिकारों के लिए है। जल, जंगल और जमीन हमारी पहचान हैं और इनके साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव पहुंचकर आदिवासी समाज की समस्याओं को समझने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आदिवासी कांग्रेस को केवल बैठकों तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि हर गांव और हर आदिवासी परिवार की आवाज को संगठन से जोड़ना है।
भूरिया ने कहा कि “जिस दिन आदिवासी समाज अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर खड़ा हो जाएगा, उस दिन उसकी आवाज को दबाना किसी के लिए संभव नहीं होगा। हमारा लक्ष्य संघर्ष को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाना है।”
बैठक में आगामी आंदोलन की रूपरेखा, संगठन के विस्तार और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कांग्रेस की सक्रियता बढ़ाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।
इस बैठक में कांकेर जिले से विजय ठाकुर आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष,, ठाकुर राम कश्यप जिला आदिवासी कांग्रेस संगठन प्रभारी उपस्थित रहे।

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