बालोद में आदिवासी समाज के जातरा कार्यक्रम में हंगामा, बकरे को लेकर विवाद के बाद पुलिस और समाज के लोगों में झूमाझटकी


बालोद 21 जून 2026:— जिले में आयोजित आदिवासी समाज के पारंपरिक जातरा कार्यक्रम के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब जीव सेवा के लिए लाए गए एक बकरे को लेकर विवाद खड़ा हो गया। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हजारों लोगों और पुलिस-प्रशासन के बीच काफी देर तक हंगामा होता रहा।
जानकारी के अनुसार, आदिवासी समाज के लोग तुएगोंदी गांव से जंगल के रास्ते करीब 4 किलोमीटर की पहाड़ी चढ़कर पाट बाबा को लेकर जातरा कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पाट बाबा की पूजा-अर्चना की और जीव सेवा का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
बताया जा रहा है कि पूजा-पाठ के बाद जब समाज के लोग पाटेश्वर धाम स्थित जलकैना क्षेत्र की ओर पहुंचे, तभी जीव सेवा के लिए लाए गए बकरे को लेकर विवाद शुरू हो गया। समाज के लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से बकरे को वहां से ले जाया गया, जिसके बाद लोग आक्रोशित हो गए और मौके पर जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस तथा समाज के लोगों के बीच धक्का-मुक्की और झूमाझटकी की स्थिति बन गई। हंगामे के दौरान कई पुलिसकर्मियों के साथ कुछ अधिकारियों को भी चोट लगने की जानकारी सामने आई है। घटनास्थल पर मौजूद महिला अधिकारी और थाना प्रभारी भी भीड़ के बीच फंस गए थे।
विवाद बढ़ने पर आदिवासी समाज के लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कई घंटों तक चले इस हंगामे के कारण कार्यक्रम प्रभावित रहा और क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा। घटना के बाद समाज के लोगों में नाराजगी और आक्रोश देखने को मिला।
हालांकि बाद में समाज के बुजुर्गों और प्रमुख लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद समाज के लोग वापस पाट बाबा के दरबार पहुंचे और अपनी परंपरा के अनुसार सेवा अर्जी प्रस्तुत की।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। वहीं घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बकरे को लेकर विवाद और उसके बाद मचे हंगामे के दृश्य दिखाई दे रहे हैं।
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