CG:— किलेपार पुल में 16.18 लाख के भ्रष्टाचार का आरोप! जनप्रतिनिधियों की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, आखिर नींद से कब जागेगा प्रशासन?


कांकेर/चारामा, 1 जुलाई 2026:— चारामा विकासखंड के ग्राम किलेपार में लगभग 16.18 लाख रुपये की लागत से बने पुल में भ्रष्टाचार और निर्माण में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने घटिया निर्माण, मानकों की अनदेखी और सरकारी राशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। बावजूद इसके अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। कई स्थानों पर गिट्टी उखड़ चुकी है, सरिया का पर्याप्त उपयोग नहीं किया गया, ढलाई मानकों के अनुरूप नहीं हुई और निर्माण पूरा होने के बाद भी प्लाई शटरिंग व सीमेंट की बोरियां मौके पर पड़ी हैं। ऐसे में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद पुल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले की शिकायत मिलने पर जिला पंचायत सदस्य तेजेश्वरी गब्बर सिन्हा और जनपद पंचायत सदस्य रेणुका सिन्हा ने मौके का निरीक्षण कर प्रथम दृष्टया अनियमितताओं की आशंका जताई थी तथा निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई सामने नहीं आई है।
मामला जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी तक भी पहुंच चुका है। उन्होंने जांच टीम भेजने की बात कही थी, लेकिन खबर लिखे जाने तक न तो जांच टीम के पहुंचने की पुष्टि हुई और न ही कोई आधिकारिक कार्रवाई सामने आई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
इस संबंध में PMGSY के संबंधित इंजीनियर से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक पत्र या आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए विभागीय स्तर पर किसी प्रकार की जांच या कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि पुल पर लीपापोती कर निर्माण की खामियों को छिपाने का प्रयास भी किया गया।
अब बड़ा सवाल यही है— आखिर प्रशासन नींद से कब जागेगा? जब ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं, जनप्रतिनिधि मौके का निरीक्षण कर जांच की मांग कर चुके हैं और मामला जिला पंचायत सीईओ तक पहुंच चुका है, तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों? क्षेत्र की जनता अब निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का इंतजार कर रही है।
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