सूरजगढ़ माइंस के भारी हाइवा के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल,, पखांजूर में सड़क जाम कर जिला स्तरीय प्रदर्शन, गूंजे “भाजपा, भ्रष्टाचार, सांसद, हाइवा और माइंस से आजादी” के नारे
500 से 700 भारी वाहनों के रोजाना गुजरने का दावा, सड़क-पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त होने का आरोप; कांग्रेस ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी*


पखांजूर 24 अगस्त 2026:— महाराष्ट्र के सूरजगढ़ माइंस से लौह अयस्क लेकर परलकोट क्षेत्र की सड़कों से गुजर रहे भारी वाहनों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने पखांजूर के सुभाष चंद्र बोस चौक में जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और एक घंटे के लिए सड़क जाम कर भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “आजादी” के नारे भी लगाए। कार्यकर्ताओं ने “भाजपा से आजादी, भ्रष्टाचार से आजादी, सांसद से आजादी, हाइवा से आजादी, माइंस से आजादी और उड़ती धूल से आजादी” जैसे नारे लगाकर अपना विरोध जताया। नारों के जरिए कांग्रेस ने क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही, माइंस से जुड़े मुद्दों और स्थानीय समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
सूरजगढ़ माइंस की गाड़ियों पर रोक की मांग कांग्रेस का आरोप है कि महाराष्ट्र स्थित सूरजगढ़ माइंस से बड़ी संख्या में भारी वाहन बिना अनुमति के परलकोट क्षेत्र की सड़कों से होकर गुजर रहे हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क, पुल और पुलिया पर दबाव बढ़ रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि क्षेत्र की सड़क का इस्तेमाल ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, कॉलेज विद्यार्थियों और आम लोगों द्वारा रोजाना किया जाता है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भारी वाहनों के कारण सड़क पर धूल उड़ने से भी लोगों को परेशानी हो रही है। सड़क की खराब स्थिति और लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के चलते दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
भाजपा से आजादी… हाइवा और माइंस से आजादी” के लगाए नारे प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। “भाजपा से आजादी”, “भ्रष्टाचार से आजादी”, “सांसद से आजादी”, “हाइवा से आजादी”, “माइंस से आजादी” और “उड़ती धूल से आजादी” के नारों से सुभाष चंद्र बोस चौक गूंज उठा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आजादी के नारों के माध्यम से वे क्षेत्र की समस्याओं और आम लोगों की परेशानियों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। नेताओं ने कहा कि परलकोट क्षेत्र की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
रूपसिंह पोटाई बोले—पहले भी दिया था अल्टीमेटम
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए रूपसिंह पोटाई ने कहा कि आज का प्रदर्शन एक दिवसीय था। इस मामले को लेकर कांग्रेस पहले भी शासन-प्रशासन को लिखित आवेदन दे चुकी है और अल्टीमेटम भी दिया गया था, लेकिन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र की सड़क पर महाराष्ट्र से भारी वाहन चल रहे हैं। यदि इस सड़क का इस्तेमाल सूरजगढ़ माइंस के परिवहन के लिए किया जा रहा है तो क्षेत्र के लोगों को भी उस माइंस का लाभ मिलना चाहिए।
रूपसिंह पोटाई ने कहा कि परलकोट क्षेत्र पहले ही अंतागढ़ माइंस के लाभ से वंचित है और अब सूरजगढ़ माइंस से भी क्षेत्र को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इसके बावजूद यहां की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज का प्रदर्शन शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया है। यदि इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो आने वाले समय में इससे भी उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ठाकुर राम कश्यप ने उठाया पेसा कानून और ग्रामसभा का मुद्दा वहीं कांग्रेस जिला महामंत्री एवं वरिष्ठ आदिवासी नेता ठाकुर राम कश्यप ने कहा कि आज परलकोट में हुए प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस जिला प्रशासन और शासन से यह पूछना चाहती है कि महाराष्ट्र के सूरजगढ़ माइंस से परलकोट क्षेत्र होकर होने वाले परिवहन की अनुमति और प्रक्रिया क्या है।
उन्होंने कहा कि कांकेर जिला और बस्तर संभाग का क्षेत्र पेसा कानून तथा पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है। ऐसे क्षेत्र में ग्रामसभा की विशेष भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा के अनुमोदन के बिना इस तरह का परिवहन हो रहा है तो यह गंभीर विषय है और इसकी जांच होनी चाहिए।
ठाकुर राम कश्यप ने कहा कि सूरजगढ़ माइंस से परलकोट होते हुए रायपुर जाने वाले मार्ग पर कांकेर जिले के अंतिम छोर मछांदूर तक भारी वाहनों का आवागमन हो रहा है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और छात्र-छात्राएं भी रोजाना आवागमन करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारी वाहनों की आवाजाही के कारण कई अप्रिय घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसलिए शासन-प्रशासन को तत्काल इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ज्ञापन पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
रोजाना 500 से 700 गाड़ियों के चलने का दावा प्रदर्शन के दौरान सुप्रकाश मालिक ने कहा कि महाराष्ट्र के सूरजगढ़ माइंस से लगातार भारी वाहन निकल रहे हैं। इन वाहनों के कारण सड़क के साथ-साथ पुल और पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि रोजाना करीब 500 से 700 भारी वाहन इस मार्ग से गुजर रहे हैं। उनका कहना है कि आने वाले समय में वाहनों की संख्या और बढ़ सकती है और यह आंकड़ा प्रतिदिन 2000 से अधिक तक पहुंच सकता है।
सुप्रकाश मालिक ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में भारी वाहनों के आवागमन से क्षेत्र की सड़क पूरी तरह खराब हो सकती है। इसलिए इन गाड़ियों के आवागमन को तत्काल बंद कराया जाना चाहिए।
सड़क की क्षमता से कई गुना अधिक भार का आरोप कांग्रेस द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि परलकोट क्षेत्र की प्रमुख सड़क की क्षमता करीब 20 टन है, जबकि सूरजगढ़ माइंस से लौह अयस्क लेकर चलने वाले कई भारी वाहन 60 से 65 टन तक वजन लेकर चल रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों के लगातार चलने से सड़क तेजी से जर्जर हो रही है।
नेताओं ने कहा कि सड़क खराब होने का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है और धूल के कारण आसपास के लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर सूरजगढ़ माइंस से परलकोट क्षेत्र की सड़क से होकर गुजरने वाले लौह अयस्क से भरे भारी वाहनों के परिवहन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मामला केवल सड़क का नहीं है, बल्कि क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा, विद्यार्थियों के आवागमन, सड़क-पुल-पुलिया की स्थिति और स्थानीय लोगों के हित से जुड़ा हुआ है।
मांग पूरी नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष बसंत यादव ने बताया कि आज का प्रदर्शन एक दिवसीय था। शासन-प्रशासन को पहले भी लिखित आवेदन और अल्टीमेटम दिया जा चुका है। अब एक बार फिर ज्ञापन के माध्यम से मांग रखी गई है। साथ हुवे चेतावनी दी कि यदि सूरजगढ़ माइंस के भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई और क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान सुभद्रा सलाम, रूप सिंह पोटाई, बसंत यादव अध्यक कांग्रेस कमेटी कांकेर,जिला महामंत्री कांग्रेस पार्टी, वरिष्ठ आदिवासी नेता, जनपद उपाध्यक्ष चारामा, संगठन प्रभारी भानुप्रतापपुर, विजय ठाकुर,पंकज वाधवानी,अर्जुन देवांगन,इंद्र जीत विश्वास, सुप्रकाश मलिक, राजीव हलधर, विकाश मंडल, उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस, नीलाक्झी विश्वास अध्यक्ष महिला, अमूल्य मांझी, मनीषा जयशवाल, हरपाल सिंग, अध्यक्ष क्रांतिकारी विचार मंच, सपन विश्वास, अमर मंडल ब्लाक उपाध्यक्ष, सिंहार्थ बढ़ाई, अध्यक्ष मंडल बांदे, अविनाश राय, अरविंद दीपांकर सरकार, रमेन सरकार, गोपाल कुंडू, बृजमोहन शील, सुशील, रुक्मणी, रंजन विश्वास,डेपली नूरेटी, सियाराम, सोहन हिचमानी, अशोक लकड़ा, गौतम विश्वास,कपिल बैरागी, हरिदास सरकार, दीपांकर अरिंदा, मिलन मंडल विधान विश्वास, प्रशांत मंडल, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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