CG— कोयलीबेड़ा में सांसद-विधायक को कांग्रेस ने दिखाए काले झंडे, शाला प्रवेश उत्सव से पहले जमकर विरोध, पुलिस से हुई झूमाझटकी


कांकेर / कोयलीबेड़ा 27 जून 2026:— कोयलीबेड़ा में शनिवार को आयोजित शाला प्रवेश उत्सव से पहले उस समय माहौल गरमा गया, जब ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में पहुंचे सांसद और विधायक का काले झंडे दिखाकर विरोध किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीच रास्ते में ही जनप्रतिनिधियों का काफिला रोकने की कोशिश की, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया और दोनों पक्षों के बीच झूमाझटकी भी हुई।
कांग्रेस का आरोप है कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रही है, लेकिन सांसद और विधायक ने कभी गंभीरता से उनकी बात नहीं सुनी। पार्टी का कहना है कि 26 मई से 2 जून तक कोयलीबेड़ा क्षेत्र के 68 गांवों के लोगों ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर भीषण गर्मी में लगातार आठ दिनों तक आंदोलन किया, लेकिन न सांसद पहुंचे और न ही विधायक ने आंदोलनकारियों से मुलाकात की। ऐसे में जनता के आक्रोश के चलते आज उनका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया गया।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने कहा कि समाज और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों ने पहले ही निर्णय लिया था कि जब तक सांसद और विधायक जनता के बीच आकर उनकी समस्याओं पर चर्चा नहीं करेंगे, तब तकई उनके कार्यक्रमों का विरोध किया जाएगा। इसी निर्णय के तहत आज काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध के कारण विधायक विक्रम उसेंडी को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के लिए बीच रास्ते में अपना वाहन बदलना पड़ा। पार्टी ने इसे क्षेत्र की जनता के बढ़ते आक्रोश का संकेत बताया।
शाला प्रवेश उत्सव को लेकर भी कांग्रेस ने कई सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में विकासखंड के 18 पंचायतों के स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान और स्थान नहीं दिया गया, जबकि बाहरी जनप्रतिनिधियों को मुख्य अतिथि और विशेष अतिथि बनाया गया। इसे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र की जनता की उपेक्षा बताया गया।
वही शाला प्रवेश उत्सव में भीड़ बढ़ाने के लिए आसपास के गांवों से स्कूली बच्चों को ट्रैक्टरों में भरकर कार्यक्रम स्थल लाया जा रहा है जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियो एफआईआर दर्ज करने की धमकी दी गई। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना जनता का संवैधानिक अधिकार है और विरोध की आवाज दबाने के लिए एफआईआर की धमकी देना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने कहा कि जनता की आवाज को दबाने का हर प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र की जनसमस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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