CG— सामाजिक बहिष्कार से बढ़ा था विवाद, दो गुटों में बंट गया था पूरा गांव, कोंडागांव पुलिस की सहयोग चौपाल में आमने-सामने बैठे दोनों पक्ष, घंटों चर्चा के बाद खत्म हुआ मनमुटाव,,,,



कोंडागांव 31 मई 2026:— कोंडागांव पुलिस “सहयोग चौपाल” के बैनर तले लोगों के बीच पहुंच रही है। पुलिस अधीक्षक कोंडागांव पंकज चंद्रा (भा.पु.से.) द्वारा यह नई पहल शुरू की गई है। ग्रामीणों की छोटी-छोटी समस्याओं एवं विवादों के निराकरण के लिए, जिनके समाधान हेतु उन्हें विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, अब “सहयोग चौपाल” के माध्यम से समाधान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रशासन एवं आमजन के बीच सहभागिता की भावना को मजबूत करना तथा लोगों की समस्याओं एवं आपसी विवादों का त्वरित निराकरण करना है।
छोटे-छोटे मामलों जैसे आपसी मनमुटाव, सीमांकन विवाद, लड़ाई-झगड़े, मुआवजा संबंधी विषय आदि के समाधान के लिए संबंधित पक्षों के बीच पहुंचकर निराकरण का प्रयास किया जा रहा है तथा आवश्यक विधिक परामर्श भी दिया जा रहा है।
इसी अवधारणा के तहत ग्राम मिरमिंडा में दो समुदायों के बीच चल रहे विवाद का निराकरण किया गया। पुलिस अधीक्षक कोंडागांव पंकज चंद्रा (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कोंडागांव रूपेश कुमार के पर्यवेक्षण में ग्राम मिरमिंडा में गांडा समाज एवं ग्राम के अन्य लोगों के मध्य विवाद के समाधान हेतु “सहयोग चौपाल” आयोजित की गई।
ग्राम मिरमिंडा में निवासरत गांडा समाज के लोगों द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर बताया गया था कि ग्राम के अन्य लोगों द्वारा उनका सामाजिक बहिष्कार किया जा रहा है तथा उनके घर आना-जाना बंद कर दिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कोंडागांव के निर्देश पर थाना प्रभारी माकड़ी ज्ञानेंद्र सिंह चौहान एवं तहसीलदार माकड़ी अंकुर रात्रे के नेतृत्व में गांव में “सहयोग चौपाल” का आयोजन किया गया।
इस दौरान दोनों पक्षों को बुलाकर विवादित विषय पर विस्तृत चर्चा की गई, उनकी बातों को सुना गया तथा आपसी भाईचारे, सहभागिता एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहने की समझाइश दी गई। दोनों पक्षों द्वारा आपसी सहमति से मिल-जुलकर रहने पर सहमति व्यक्त की गई, जिसके आधार पर पंचनामा तैयार किया गया। इस प्रकार “सहयोग चौपाल” के माध्यम से ग्राम मिरमिंडा में दोनों पक्षों के बीच उत्पन्न विवाद का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।
“सहयोग चौपाल” की यह पहल जिला कोंडागांव के समस्त क्षेत्रों में निरंतर जारी रहेगी। कोंडागांव पुलिस को आशा है कि इस अभियान को जनसहयोग प्राप्त होगा, जिससे पुलिस की इस संकल्पना को और अधिक बल मिलेगा तथा लोगों की समस्याओं एवं विवादों का इसी प्रकार शांतिपूर्ण समाधान किया जा सकेगा।
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