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CG— सरकारी नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा, नकली 10वीं की अंकसूची बेचने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार

रायगढ़ 14 जुलाई 2026:— रायगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी 10वीं की अंकसूची के जरिए सरकारी नौकरी दिलाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। आरोपी विनोद कुमार राठौर को कोरबा से पकड़ा गया। वह ग्रामीण डाक सेवक (GDS) भर्ती में फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराकर नौकरी दिलाने और लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने का काम करता था।

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पुलिस के मुताबिक, जुलाई 2023 में भारतीय डाक विभाग की ग्रामीण डाक सेवक भर्ती के दौरान दो अभ्यर्थियों ने फर्जी 10वीं की अंकसूची लगाकर आवेदन किया था। दोनों का चयन भी हो गया था, लेकिन दस्तावेजों की जांच में तमिलनाडु बोर्ड ने अंकसूचियों को फर्जी बताया। इसके बाद रायगढ़ सिटी कोतवाली में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आया कि कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से 3 से 3.5 लाख रुपये मांगता था। एक अभ्यर्थी ने उसे साढ़े तीन लाख रुपये दिए थे, जबकि दूसरी ने नौकरी लगने के बाद पैसे देने की बात कही थी। इस मामले में दोनों अभ्यर्थियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

मुख्य आरोपी घटना के बाद से फरार था। पुलिस ने सूचना मिलने पर कोरबा में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले भी नकली नोट के मामले में 10 साल की सजा काट चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगना शुरू कर दिया था।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी पाने की कोशिश करने वालों और ऐसे गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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