CG — न सड़क, न बिजली, न साफ पानी… 30 वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा कांकेर जिले का यह गांव, विकास के दावों के बीच आज भी बदहाल हैं ग्रामीणों के हालात



कांकेर/पखांजूर 24 मई 2026:— भीषण गर्मी के बीच कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोण्डाहुर के आश्रित गांव मातालकुडूम में ग्रामीण गंभीर जल संकट से परेशान हैं। करीब 18 परिवारों वाले इस गांव में आज तक सड़क, बिजली और साफ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं। गांव में लगा एकमात्र हैंडपंप कई वर्षों से खराब पड़ा है। ग्रामीणों ने कई बार संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी, लेकिन अब तक न तो हैंडपंप सुधारा गया और न ही कोई दूसरी व्यवस्था की गई। मजबूरी में ग्रामीण झरिया का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
मातालकुडूम गांव के लोगों के लिए पानी का एकमात्र सहारा झरिया है। इसी पानी का उपयोग ग्रामीण पीने, खाना बनाने, नहाने और कपड़े धोने के लिए कर रहे हैं। दूषित पानी के कारण गांव के बच्चे और बुजुर्ग कई बार बीमार भी पड़ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
गांव आज भी कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां अब तक बिजली नहीं पहुंची है। छोटे बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र की सुविधा भी नहीं है। गांव तक पहुंचने के लिए सिर्फ एक संकरी पगडंडी है। बरसात के दिनों में ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव में नेता गांव पहुंचकर बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद गांव की सुध लेने कोई नहीं आता। करीब 30 वर्षों से बसे इस गांव में आज तक सड़क, बिजली और साफ पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं।
सरकार भले ही गांव-गांव तक विकास पहुंचाने के दावे कर रही हो, लेकिन मातालकुडूम जैसे गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार आखिर कब इन ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करती है।
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