CG — जमीन बिक्री के पैसों के लालच में रची गई खौफनाक साजिश, गांव के सरपंच ने ही करवा दी बुजुर्ग की हत्या, आठ महीने बाद अंधे कत्ल का खुलासा



कांकेर/नरहरपुर, 26 मई 2026 :- कांकेर जिले के नरहरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत हल्बा चौकी पुलिस ने करीब आठ महीने पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए गांव के सरपंच समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस जांच में सामने आया कि जमीन बिक्री में हुए लाखों रुपये के गबन का राज खुलने के डर से सरपंच ने अपने साथियों के साथ मिलकर बुजुर्ग को जहर देकर मौत के घाट उतार दिया।
मामला ग्राम डुमरपानी का है, जहां 28 जुलाई 2025 को मिलन पटेल नामक बुजुर्ग की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें नरहरपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान अगले दिन उनकी मौत हो गई थी। शुरुआत में मामला सामान्य मौत का लग रहा था, लेकिन मृतक की बेटी लगातार हत्या की आशंका जताते हुए गांव के ही कुछ लोगों पर शक जाहिर कर रही थी।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार जांच जारी रखी। आखिरकार संदेही वतन पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने पूरा राज उगल दिया। आरोपी ने बताया कि गांव के सरपंच कंशराम नेताम ने अपने साथियों सोनाराम सिन्हा और बिहारी लाल शोरी के साथ मिलकर हत्या की पूरी साजिश रची थी।
जांच में सामने आया कि मृतक मिलन पटेल ने अपनी जमीन करीब 16 लाख 50 हजार रुपये में बेची थी। जमीन बिक्री की प्रक्रिया में सरपंच और अन्य आरोपी भी शामिल थे। आरोप है कि जमीन सौदे की असली रकम मृतक और उसके परिवार से छिपाई गई थी और लाखों रुपये का हेरफेर किया गया था। जब मृतक की बेटी को इस गड़बड़ी की जानकारी मिली तो उसने गांव में शिकायत और बैठक कराने की बात कही। इसी से डरकर सरपंच और उसके साथियों ने हत्या की योजना बना डाली।
पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई 2025 को सरपंच कंशराम नेताम ने अपने घर पर बैठक बुलाकर वतन पटेल को 10 हजार रुपये, शराब और जहर की डिब्बी दी। आरोपियों ने उसे लालच दिया कि हत्या के बाद जमीन बिक्री से और भी पैसा मिलेगा। इसके बाद वतन पटेल मृतक के घर पहुंचा और शराब में जहर मिलाकर मिलन पटेल को पिला दिया। जहर पीने से उनकी हालत बिगड़ गई और अगले दिन अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों— वतन पटेल, सोनाराम सिन्हा, बिहारी लाल शोरी और सरपंच कंशराम नेताम को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले की आगे की विवेचना जारी है।
इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश साहू और डीआरजी उप पुलिस अधीक्षक अविनाश ठाकुर के पर्यवेक्षण में किया गया।
कांकेर पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इसके लिए जिला पुलिस द्वारा हेल्पलाइन नंबर 94791-55125 जारी किया गया है, जहां सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
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