CG — विश्व आदिवासी दिवस की सभी तैयारियां पूरी, भानुप्रतापपुर में अंतिम बैठक संपन्न, अंतागढ़ में होगा जिला स्तरीय आयोजन, प्रोफेसर लक्ष्मण यादव होंगे मुख्य वक्ता


कांकेर/भानुप्रतापपुर, 6 अगस्त 2026। आगामी 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के जिला स्तरीय आयोजन को लेकर सर्व आदिवासी समाज की अंतिम तैयारी बैठक भानुप्रतापपुर स्थित गोंडवाना भवन में संपन्न हुई। बैठक में आयोजन की पूरी रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया तथा कार्यक्रम को सफल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस का जिला स्तरीय आयोजन अंतागढ़ में किया जाएगा। कार्यक्रम में जिले के सभी ब्लॉकों से बड़ी संख्या में समाज के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए लगभग एक लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में सभी ब्लॉकों से अपील की गई कि अलग-अलग स्थानों पर आयोजन करने के बजाय जिला स्तरीय कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर समाज की एकजुटता का परिचय दें। समाज का मानना है कि बड़ी संख्या में सहभागिता होने से समाज की आवाज शासन-प्रशासन तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगी।
आयोजन के लिए यातायात, पार्किंग, मंच व्यवस्था, सुरक्षा, पेयजल, बैठक व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कार्यक्रम से जुड़ी सभी जानकारियां समाज के विभिन्न माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचाने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कार्यक्रम में देश के प्रख्यात शिक्षाविद और सामाजिक चिंतक प्रोफेसर लक्ष्मण यादव मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। वे आदिवासी समाज के अधिकार, शिक्षा, संस्कृति, संविधान और समसामयिक विषयों पर अपना संबोधन देंगे।
कार्यक्रम को पारंपरिक स्वरूप देने पर विशेष जोर दिया गया। निर्णय लिया गया कि आयोजन में डीजे का उपयोग नहीं किया जाएगा, बल्कि पारंपरिक आदिवासी वाद्ययंत्रों के साथ अतिथियों का स्वागत किया जाएगा ताकि मंच से रखे जाने वाले विचार सभी लोगों तक स्पष्ट रूप से पहुंच सकें।
बैठक में जिले से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इनमें बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पुल-पुलिया, अधोसंरचना, डीएमएफ मद, सीएसआर मद की राशि के पारदर्शी उपयोग, पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम सभा के अधिकार, भूमि संबंधी विषय, रावघाट खदान से स्थानीय मूलनिवासियों को मिलने वाले लाभ तथा आदिवासी क्षेत्रों के समग्र विकास जैसे विषय प्रमुख रहे।
साथ ही आदिवासी आश्रम-छात्रावासों की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की गई। बैठक में छात्रावासों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, नियमित चिकित्सा व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छ पेयजल और बच्चों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग दोहराई गई।
महिला प्रभाग की ओर से भी बड़ी संख्या में सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर पारंपरिक आदिवासी वाद्ययंत्रों के साथ अतिथियों का स्वागत करेंगी।
बैठक के अंत में समाज के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने विश्व आदिवासी दिवस के जिला स्तरीय आयोजन को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। साथ ही सभी तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए अंतागढ़ में होने वाले आयोजन को ऐतिहासिक और अनुशासित बनाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान जिले के सातों ब्लाक के सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे।
Live Cricket Info







