4 घंटे बाद काबू में आई खूंखार मादा भालू, तब उठ सके दो सगे भाई-बहनों के शव


कांकेर 5 अगस्त 2026:— जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर मरकाटोला गांव में बुधवार को मादा भालू के आतंक ने पूरे इलाके को दहला दिया। करीब चार घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रायपुर से पहुंची विशेषज्ञ टीम ने ट्रैंकुलाइज गन की मदद से मादा भालू को बेहोश कर काबू में लिया। इसके बाद वन विभाग और पुलिस की टीम ने उसे पिंजरे में बंद कर सुरक्षित बाहर निकाला। भालू को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए कांकेर लाया गया है।
रेस्क्यू के दौरान ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा। जैसे ही बेहोश भालू को बाहर निकाला जा रहा था, आक्रोशित ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर उसकी ओर दौड़ पड़े। पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। भालू के लगातार शवों के पास मंडराने और हमला करने की वजह से दो मृतकों के शव करीब चार घंटे तक मौके से नहीं हटाए जा सके।
जानकारी के अनुसार मरकाटोला निवासी हलाल खोर जुर्री सुबह अपने खेत के पास बैठा था। इसी दौरान मादा भालू ने उस पर अचानक हमला कर दिया। उसकी चीख-पुकार सुनकर स्कूल में रसोइया का काम करने वाली उसकी सगी बहन चमारोन बाई, जो स्कूल से लौट रही थी, उसे बचाने पहुंची। लेकिन भालू ने उस पर भी हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
दोनों की आवाज सुनकर खेत में काम कर रही उनकी एक अन्य बहन खोरीनबाई भी मौके पर पहुंची। वह अपने भाई-बहन को बचा पाती, उससे पहले ही भालू ने उस पर भी हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा घायल महिला को इलाज के लिए कांकेर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम इसी इलाके में मादा भालू ने अपने ही शावक को नोचकर मार डाला था। सूचना मिलने पर वन विभाग ने शावक के शव को अपने कब्जे में ले लिया था। आशंका जताई जा रही है कि शावक के नहीं मिलने से मादा भालू अत्यधिक आक्रामक हो गई और ग्रामीणों पर हमला करने लगी।
इस दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के दो सगे भाई-बहन की मौत और एक बहन के गंभीर रूप से घायल होने से पूरे मरकाटोला गांव में मातम पसरा हुआ है। लगातार भालू और तेंदुए के हमलों से क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी दहशत और आक्रोश है।
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