CG — कांकेर में OBC समाज का संगठनात्मक पुनर्गठन, हेमंत यादव को मिली कार्यवाहक जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी 27% आरक्षण पर तेज होगा आंदोलन


कांकेर 13 जुलाई 2026:— छत्तीसगढ़ प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समाज की जिला स्तरीय बैठक में संगठन को मजबूत बनाने, नए दायित्वों के वितरण और समाज के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में जिला इकाई के पुनर्गठन के साथ-साथ 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति भी तय की गई।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान जिला अध्यक्ष मधेश्वर जैन के नारायणपुर में निवास करने के कारण कांकेर जिले के संगठनात्मक कार्यों के बेहतर संचालन के लिए हेमंत यादव को कार्यवाहक जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा दशरथ साहू सहित कई पदाधिकारियों को संगठन में नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। यह निर्णय जिला संरक्षक, जिला कार्यकारिणी, ब्लॉक अध्यक्षों, युवा प्रकोष्ठ और अन्य पदाधिकारियों की सर्वसम्मति से लिया गया। साथ ही मौजूदा जिला कार्यकारिणी को पूर्ववत कार्य जारी रखने का निर्णय भी लिया गया।
बैठक में 17 जून 2026 को रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक के प्रमुख निर्णयों की जानकारी भी साझा की गई। पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी में बस्तर संभाग की इकाई को औपचारिक मान्यता प्रदान की गई तथा पूरे प्रदेश में “एक प्रदेश, एक संगठन” की अवधारणा को लागू करने पर सहमति बनी।
बैठक के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग समाज को 27 प्रतिशत आरक्षण सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के संवैधानिक अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए प्रदेशभर में व्यापक जनजागरण और आंदोलन आयोजित किए जाएंगे।
प्रदेश अध्यक्ष जगन्नाथ साहू ने कहा कि संगठन वर्ष 2013 से लगातार OBC समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने बताया कि संगठन के प्रयासों से आज प्रदेश में 60 प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग मंत्रालय और संचालनालय में 30 नए पदों के सृजन को भी संगठन की बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 से पहले OBC समाज के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, लेकिन लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप सरकार ने कई महत्वपूर्ण मांगों को स्वीकार किया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में संगठन का विस्तार सरगुजा से दंतेवाड़ा तक किया जाएगा, ताकि प्रदेश के प्रत्येक जिले में समाज को संगठित कर उनके अधिकारों की प्रभावी पैरवी की जा सके।
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