CG :— अवैध रेत खनन पर विधायक का हल्लाबोल,,आधी रात हाराडुला रेत खदान पहुंचीं विधायक सावित्री मनोज मंडावी, बोलीं– “किसके संरक्षण में चल रहा अवैध खनन?”


कांकेर/चारामा 21 जून 2026 :— चारामा क्षेत्र के हाराडुला रेत खदान में जारी अवैध रेत उत्खनन को लेकर क्षेत्रीय विधायक सावित्री मनोज मंडावी एक बार फिर देर रात करीब 12 बजे मौके पर पहुंचीं और खदान का औचक निरीक्षण किया। इसी महीने यह तीसरा मौका है जब विधायक अवैध खनन की शिकायतों के बाद खदान पहुंची हैं। इसके बावजूद रेत माफियाओं के हौसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं और प्रतिबंध के बावजूद अवैध खनन का कार्य लगातार जारी है।
गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा 15 जून से 15 अक्टूबर तक रेत खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद हाराडुला खदान से रात के अंधेरे में रेत निकाले जाने और उसका परिवहन किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। शिकायतों के बाद विधायक सावित्री मनोज मंडावी ने देर रात खदान पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के बाद विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके द्वारा लगातार कार्रवाई और निरीक्षण किए जाने के बावजूद हाराडुला में अवैध रेत उत्खनन बंद नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने स्पष्ट रूप से रेत खनन पर रोक लगा दी है, फिर भी यहां रातभर अवैध उत्खनन किया जा रहा है।
विधायक ने कहा, “समझ नहीं आ रहा है कि आखिर रेत माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है। रात में निरीक्षण के दौरान पता चला कि कई स्थानों पर अवैध रूप से खनन किया गया है। रेत माफिया रात के समय चैन माउंटेन मशीनों की सहायता से रेत निकालते हैं और उसे ट्रैक्टरों में भरकर एक स्थान पर डंप करते हैं। इसके बाद वहां से हाईवा वाहनों के जरिए रेत को बाहर भेजा जाता है।”
उन्होंने आगे कहा कि “जब हम मौके पर पहुंचे तो रेत माफिया अपनी चैन माउंटेन मशीन छोड़कर वहां से फरार हो गए। इससे साफ है कि अवैध कारोबार संगठित तरीके से चलाया जा रहा है। इस मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यदि प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम अवैध खनन जारी है तो कहीं न कहीं किसी का संरक्षण जरूर है, तभी रेत माफिया बेखौफ होकर कारोबार कर रहे हैं।”
विधायक ने माइनिंग विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने तथा अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों और विधायक के बार-बार निरीक्षण के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो प्रतिबंध अवधि में भी अवैध रेत खनन का खेल जारी रहेगा।
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