CG….10 साल बाद कानों तक पहुंची दुनिया की आवाज, श्रवण यंत्र लगते ही छलक पड़े खुशी के आंसू..” बस्तर मुन्ने ” कार्यक्रम से लोगों के चेहरे पर आई मुस्कान…


कांकेर/चारामा 6 जून 2026:— कभी अपने ही घर में अपनों की बातें सुनने को तरस रही एक बुजुर्ग महिला के जीवन में आखिरकार खुशियों की दस्तक लौट आई। चारामा क्षेत्र में आयोजित बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदान किए गए ध्वनि श्रवण यंत्र ने 10 वर्षों से सुनने की क्षमता खो चुकीं रामकी बाई को नई जिंदगी का एहसास कराया।
जानकारी के मुताबिक रामकी बाई पिछले लगभग एक दशक से गंभीर श्रवण समस्या से जूझ रही थीं। समय के साथ उनकी सुनने की क्षमता इतनी कम हो गई थी कि वे परिवारजनों और आसपास के लोगों की सामान्य बातचीत भी नहीं सुन पाती थीं। संवादहीनता के कारण उनका दायरा सीमित होता गया और उनका जीवन अकेलेपन व निराशा के बीच गुजरने लगा।
इसी दौरान चारामा में आयोजित बस्तर मुन्ने कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों एवं बुजुर्गों को विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए। कार्यक्रम में रामकी बाई को भी एक आधुनिक ध्वनि श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।
जैसे ही उनके कानों में श्रवण यंत्र लगाया गया, वर्षों से खामोश हो चुकी दुनिया की आवाजें फिर से उनके कानों तक पहुंचने लगीं। अपने आसपास लोगों की बातें सुनते ही उनके चेहरे पर खुशी और संतोष की चमक दिखाई देने लगी। यह भावुक क्षण वहां मौजूद सभी लोगों के लिए यादगार बन गया।
खुशी से भावुक हुईं रामकी बाई ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें “भगवान का रूप” बताया। उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे और चेहरे पर लंबे समय बाद मिली राहत साफ नजर आ रही थी।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी इस मार्मिक पल को महसूस किया और रामकी बाई की खुशी में सहभागी बने। समाज कल्याण विभाग की इस पहल ने न केवल रामकी बाई, बल्कि कई अन्य जरूरतमंद लोगों के जीवन में भी नई उम्मीद, आत्मविश्वास और मुस्कान लौटाने का काम किया है।
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