Telegram Join our Telegram Channel for Daily news Updates! Join Now ×
Telegram Join our Telegram Channel for Daily news Updates! Join Now ×

CG … मई के महीने में गर्मी का सितम ! ..” तपती धरती, सूखा पानी ” धमतरी में पानी की किल्लत से जूझते वनांचल वासी, बोले.. मरम्मत करवा दे या फिर व्यवस्था…!!

धमतरी,5 मई 2026।छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गर्मी ने इस वर्ष समय से पहले ही अपना तीखा रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल माह की भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। तापमान में लगातार वृद्धि के कारण जल स्रोत तेजी से सूखने लगे हैं, जिससे खासकर वनांचल क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

जिले के नगरी ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 5 से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत मुकुंदपुर का सड़कपारा क्षेत्र इन दिनों गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। यह इलाका पहाड़ी के नीचे बसा हुआ है, जहां रहने वाले ग्रामीण पूरी तरह प्राकृतिक जल स्रोतों और सरकारी जल योजनाओं पर निर्भर हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि जल संकट की वर्तमान स्थिति,सड़कपारा में स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है।गांव में उपलब्ध जल स्रोत लगभग सूख चुके हैं, और जो थोड़ी-बहुत व्यवस्था है, वह भी पर्याप्त नहीं है। लोगों को पीने के पानी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। कई बार उन्हें दूर-दूर तक जाकर पानी लाना पड़ता है, जिससे समय और श्रम दोनों की भारी बर्बादी हो रही है।

*सरकारी व्यवस्था और उसकी सीमाएं…*

ग्रामीणों की मांग को देखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों ने गांव के कुछ हिस्सों में पाइपलाइन कनेक्शन उपलब्ध कराया है। हालांकि यह व्यवस्था सीमित समय—सुबह और शाम—के लिए ही चालू रहती है। इस दौरान लोग जैसे-तैसे अपने घरों के लिए पानी भर लेते हैं, लेकिन यह आपूर्ति गांव की पूरी आबादी के लिए पर्याप्त नहीं है।

*सोलर वॉटर टैंक की विफलता..*

सड़कपारा क्षेत्र में जल आपूर्ति के लिए एक सोलर पैनल आधारित वॉटर टैंक लगाया गया था, जिससे लोगों को पीने और दैनिक उपयोग के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। लेकिन पिछले करीब दो महीनों से जलस्तर में भारी गिरावट के कारण इस टैंक में पानी आना पूरी तरह बंद हो गया है। इस वजह से ग्रामीणों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है और संकट और गहरा गया है।

*ग्रामीणों की पीड़ा…*

गांव के लोगों की स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। महिलाएं और बच्चे सुबह-शाम पानी के इंतजार में घंटों खड़े रहते हैं। कई परिवारों को अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई हो रही है। पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना उनकी मजबूरी बन गई है।

*प्रशासन से गुहार..*

जब मीडिया टीम गांव पहुंची, तो ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा। उन्होंने शासन-प्रशासन से अपील की कि बंद पड़े वॉटर टैंक की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए या फिर वैकल्पिक जल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें इस भीषण संकट से राहत मिल सके।

*अधिकारियों की प्रतिक्रिया और देरी..*

ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में पीएचई विभाग के अधिकारी गांव का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का आश्वासन भी दिया। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है, जिससे ग्रामीणों में निराशा बढ़ती जा रही है।

*भविष्य की गंभीर चेतावनी..*

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में यह जल संकट और भी भयावह रूप ले सकता है। गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए स्थिति और बिगड़ने की पूरी आशंका है।

Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

इन्हें भी पढ़े 😊

Back to top button
Close

Ad Blocker Detected

We rely on advertising revenue to support our journalism and keep this website running. Please consider disabling your ad blocker to continue accessing our content.