CG— जंगल में आग रोकने नया तरीका: रोजाना 5 किमी पेट्रोलिंग और GPS से निगरानी


धमतरी 19 अप्रैल 2026:—जिले का बड़ा हिस्सा घने जंगलों से घिरा हुआ है। गर्मी बढ़ते ही यहां जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं, जिससे वन संपदा और वन्यजीवों को भारी नुकसान होता है। इस समस्या से निपटने के लिए वन विभाग ने इस बार एक नया नवाचार शुरू किया है।
वन विभाग ने सभी बीट और सर्कल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सप्ताह में 5 दिन रोजाना कम से कम 5 किलोमीटर पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि इन अधिकारियों की निगरानी अब GPS ऐप के जरिए की जा रही है, जिससे उनकी रोजाना गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
धमतरी वनमंडल में कुल 117 बीट हैं। इतने बड़े इलाके में जंगलों की सुरक्षा करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती है, खासकर गर्मी के मौसम में जब आगजनी की घटनाएं ज्यादा होती हैं। इसे देखते हुए विभाग ने 117 फायर वॉचर भी तैनात किए हैं, जिन्हें ब्लोवर मशीन दी गई है। आग लगने की सूचना मिलते ही ये तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट जाते हैं।
डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव के अनुसार, 15 फरवरी से 15 जून तक वन अग्नि सीजन माना जाता है। इस दौरान कई कारणों से आग लगती है। जैसे—महुआ बीनने के लिए लोग पेड़ों के नीचे आग लगा देते हैं, तेंदूपत्ता ज्यादा पाने की गलत धारणा, और शिकार के दौरान भी कई बार आग लग जाती है।
उन्होंने बताया कि इस बार शुरू किए गए GPS आधारित पेट्रोलिंग सिस्टम का असर भी दिखने लगा है। पिछले साल की तुलना में इस साल जंगल में आग लगने की घटनाएं कम हुई हैं।
वन विभाग को उम्मीद है कि इस नई पहल से जंगलों को आग से बचाने में और बेहतर सफलता मिलेगी।
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