CG— जमीन घोटाले में फंसे किसान: सस्ते कर्ज के जाल में फंसाकर जमीन हड़पने का आरोप, न्याय नहीं मिला तो विधायक सावित्री मंडावी करेंगी विरोध प्रदर्शन


कांकेर 15 अप्रैल 2026:— कांकेर जिले के चारामा ब्लॉक क्षेत्र में जमीन से जुड़ा गंभीर विवाद सामने आया है। अलग-अलग आवेदनों के माध्यम से महिला और कई किसानों ने आरोप लगाया है कि उनकी कृषि भूमि को धोखे से अपने नाम कराने और बेचने की कोशिश की जा रही है।
ग्राम रानीडोंगरी की निवासी विमला बाई ने तहसीलदार को दिए आवेदन में बताया कि उनकी जमीन का सौदा 25 लाख रुपए में किया गया था। इसमें से 12.50 लाख रुपए का भुगतान चेक के माध्यम से किया गया, लेकिन चेक बाउंस हो गया। इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति द्वारा जमीन को अपने नाम दर्ज कराकर उसे किसी अन्य को बेचने की तैयारी की जा रही है। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर उसे धमकी भी दी गई।
वहीं, पीड़ित ग्राम मायना निवासी गौतम विश्वकर्मा ने बताया कि जमीन दलाल उनकी आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर उनके घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि बालोद जिले के ग्राम सोहतरा निवासी टेमन लाल साहू ने उन्हें 1 से 1.5 प्रतिशत ब्याज पर पैसा देने का लालच दिया और कहा कि जमीन गिरवी रखनी पड़ेगी। लेकिन यह नहीं बताया गया कि जमीन की रजिस्ट्री कराई जाएगी। आरोप है कि उनकी लगभग 3 एकड़ 17 डिसमिल भूमि, जो भू-अधिकार पट्टा की जमीन थी, उसकी भी रजिस्ट्री करा ली गई।
उन्होंने बताया कि जून 2024 में यह प्रक्रिया हुई और करीब 6 महीने बाद जब वे खाद-बीज लेने गए तब उन्हें पता चला कि जमीन उनके नाम से हटकर किसी अन्य के नाम हो चुकी है। इसी तरह मरकाटोला और आसपास के गांवों के अन्य लोगों—छानूराम टांडिया, तुलसीराम टांडिया, रामचरण पटेल और चारभाठा के दयालु राम साहू—की जमीन भी इसी तरीके से रजिस्ट्री कराई गई है। पीड़ितों का आरोप है कि 1 से 1.5 प्रतिशत ब्याज बताकर बाद में 15 से 30 प्रतिशत तक ब्याज की मांग की जा रही है और जमीन को बेचने के लिए अन्य लोगों को दिखाया जा रहा है।
इसी मामले में ग्राम मरकाटोला की निवासी मानकी बाई डांडिया ने भी आरोप लगाया कि एक युवक तरुण उनके घर आया और कम ब्याज पर पैसा देने का लालच दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले से ही आशंका थी कि आधी रजिस्ट्री या धोखाधड़ी हो सकती है, लेकिन उनके पति को शराब पिलाकर उनसे जमीन की रजिस्ट्री करवा ली गई। उन्हें इस बात की जानकारी बाद में, वर्ष 2026 में धान बेचने के दौरान हुई, जब पता चला कि उनकी करीब 1 एकड़ जमीन किसी टेमन साहू के नाम दर्ज हो चुकी है। उन्होंने बताया कि उन्हें केवल 2 लाख रुपए दिए गए थे और जब उन्होंने पैसा लौटाने की कोशिश की तो उनसे 15 से 20 प्रतिशत ब्याज की मांग की गई।
वहीं, अन्य किसानों ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत करते हुए टेमन लाल साहू और उसके साथियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कम ब्याज पर ऋण देने का लालच देकर बाद में अत्यधिक ब्याज वसूला और जमीन को बंधक बनाकर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवा ली। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन बिना जानकारी के दूसरे लोगों के नाम पर दर्ज कर दी गई है और अब उसे ऊंचे दाम पर बेचने की कोशिश की जा रही है।
दोनों मामलों में पीड़ितों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि जमीन के पंजीयन पर तत्काल रोक लगाई जाए, मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
इस मामले पर क्षेत्रीय विधायक सावित्री मंडावी ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत बेहद गंभीर है और यह बड़ा धोखाधड़ी का मामला प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि कम ब्याज पर ऋण देने का लालच देकर ग्रामीणों को जाल में फंसाया जा रहा है। ग्रामीण अपनी जरूरतों—जैसे घर निर्माण, खेती या बीमारी—के कारण ऐसे प्रस्तावों में फंस जाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई और किसानों को उनकी जमीन वापस नहीं मिली, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन करेंगी।
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