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CG—ग्राम पुरी में जनपद स्तरीय बस्तर पंडूम का भव्य आयोजन, जनजातीय कला-संस्कृति और रीति-नीति की दिखी अनोखी झलक

कांकेर 17 जनवरी 2026:- जनजातीय संस्कृति, आस्था और परंपराओं की जीवंत झलक के साथ ग्राम पंचायत पुरी में जनपद स्तरीय बस्तर पंडूम बस्तर उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। शुक्रवार 16 जनवरी 2026 को देवी-देवताओं की परिक्रमा, पूजा-अर्चना और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। ग्राम के गायता-पुजारी, ग्राम पटेल, सरपंच, आदिवासी समाज प्रमुखों एवं जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा शीतला माता को आमंत्रित कर विधिवत स्थापना की गई।

बस्तर पंडूम के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में 12 विभिन्न विधाओं में कुल 612 प्रतिभागियों ने ऑफलाइन व ऑनलाइन पंजीयन कर भाग लिया। जनजातीय नृत्य, गीत, वाद्य यंत्र, वेशभूषा, आभूषण, शिल्पकला, चित्रकला, पारंपरिक व्यंजन, वन औषधि सहित विभिन्न विधाओं में प्रतिभागियों ने अपनी कला और परंपरा का प्रदर्शन किया।

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प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता प्रतिभागियों एवं उनकी टीमों को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि, प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद पंचायत चारामा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा बस्तर की लोककला, संस्कृति, रीति-रिवाज, बोली-भाषा, खानपान और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य किया जा रहा है, ताकि जनजातीय कलाकारों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

 

विधायक माननीया सावित्री मनोज मंडावी ने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। समाज और सरकार के सामूहिक प्रयास से ही हमारी सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह सकती है। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।

 

इस अवसर पर आदिवासी समाज प्रमुख विजय ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि जनजातीय समाज की अपनी अलग पहचान, रीति-नीति और परंपराएं हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही हैं। उन्होंने बताया कि अलग-अलग अवसरों पर समाज में अलग-अलग पंडूम का आयोजन किया जाता है, जिनका उद्देश्य समाज को एकजुट रखना, प्रकृति की पूजा करना और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को न भूलें तथा उसे आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

जानकारी दी गई कि जिला स्तरीय प्रतियोगिता 28 जनवरी को तथा संभाग स्तरीय प्रतियोगिता 2 से 6 फरवरी के बीच आयोजित की जाएगी। जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 20 हजार रुपये, जबकि संभाग स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए क्रमशः 50 हजार, 30 हजार और 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक, प्रशासनिक अधिकारी, आदिवासी समाज के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आसपास के ग्रामों से बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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