CG… दुर्लभ प्रजाति के 9 गिलहरियों का शिकार करने वाले आरोपी अरेस्ट,इंस्टाग्राम पर अपलोड वीडियो की मदद से ऐसे पकड़ाया शिकारी,!!

धमतरी/गरियाबंद,9 अप्रैल 2026। दुर्लभ प्रजाति के गिलहरियों का शिकार करने वाले आरोपी को वन विभाग की टीम अरेस्ट कर आगे की कार्रवाई कर रही है, वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक उड़ीसा वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा साझा किए गए एक इंस्टाग्राम रील वीडियो के आधार पर,जिसमें दो व्यक्तियों को नौ भारतीय विशाल गिलहरियों (रतुफा इंडिका – वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अनुसूची-I की संरक्षित प्रजाति और महाराष्ट्र का राजकीय पशु) के साथ दिखाया गया था,उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व (USTR) की एंटी-पोचिंग यूनिट, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और दंतेवाड़ा वन प्रमंडल की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान की,आरोपियों के इंस्टाग्राम रील्स की गहन जांच से उनके अनुमानित स्थान का पता लगाने में मदद मिली।
संयुक्त टीम ने बीते 8 अप्रैल 2026 को दंतेवाड़ा जिले के बारसूर क्षेत्र से आरोपी बंशीराम कोवासी को गिरफ्तार किया,आरोपी के घर की तलाशी के दौरान एक भालू (Sloth Bear) की खाल और जानवरों को फंसाने वाले फंदे (snares) जब्त किए गए,प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी ने जंगली मांस (bush meat) के सेवन के लिए पास के इलाके से इन गिलहरियों का शिकार किया था,फरार आरोपियों को निगरानी में रखा गया है,इस मामले को सुलझाने में गरियाबंद पुलिस से मिले इनपुट भी काफी मददगार रहे।
भारतीय विशाल गिलहरी एक महत्वपूर्ण ‘बीज प्रसारक’ (seed disperser) है, जो देशी पेड़ों के पुनर्जनन और स्वस्थ वन संरचना को बनाए रखने में मदद करती है,यह एक ‘सूचक प्रजाति’ (indicator species) भी है, जिसकी उपस्थिति वनों के अच्छे घनत्व और कम मानवीय हस्तक्षेप को दर्शाती है,
वन विभाग अवैध वन्यजीव व्यापार के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 को सख्ती से लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है और जनता से ऐसी गतिविधियों की सूचना देने का आग्रह करता है।
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