CG — जीवन ठाकुर के बाद बेटे नीरज ठाकुर की मौत, NH-30 जाम, आदिवासी समाज और कांग्रेस में भारी आक्रोश

कांकेर 12 जनवरी 2026:- कांकेर जिले में आदिवासी नेता स्वर्गीय जीवन ठाकुर के बाद उनके पुत्र नीरज ठाकुर की मौत से पूरे जिले में आक्रोश का माहौल है। नीरज ठाकुर के निधन के विरोध में कांग्रेस पार्टी और आदिवासी समाज ने चारामा से होकर गुजरने वाली नेशनल हाईवे-30 को जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और घंटों तक यातायात प्रभावित रहा।
बताया जा रहा है कि वन अधिकार पट्टा मामले में आदिवासी नेता जीवन ठाकुर, उनके पुत्र नीरज ठाकुर सहित अन्य लोगों के खिलाफ चारामा थाने में अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। जेल में रहते हुए 4 दिसंबर 2025 को जीवन ठाकुर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद नीरज ठाकुर को जेल से रिहा किया गया, लेकिन जेल से छूटने के लगभग 30 दिनों के भीतर उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
नीरज ठाकुर को इलाज के लिए रामकृष्ण हॉस्पिटल रायपुर में भर्ती कराया गया था, जहाँ 12 जनवरी 2026 को उनका निधन हो गया। पिता की संदिग्ध मौत के बाद पुत्र की इस तरह से मौत होने से कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस पार्टी और आदिवासी संगठनों ने इस पूरे मामले को बेहद संदेहास्पद बताते हुए जेल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्वर्गीय जीवन ठाकुर सर्व आदिवासी समाज कांकेर के पूर्व जिला अध्यक्ष, जनपद पंचायत चारामा के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। पिता-पुत्र दोनों को एक ही मामले में जेल भेजा गया और जेल में पिता की मौत के बाद पुत्र की तबीयत बिगड़ती चली गई, जो अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। इस दुख की घड़ी में कांग्रेस पार्टी ठाकुर परिवार के साथ खड़ी है।
कांग्रेस पार्टी ने महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि नीरज ठाकुर पिता स्वर्गीय जीवन ठाकुर के निधन की जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड मजिस्ट्रेट से कराई जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि इससे पहले भी जीवन ठाकुर की मौत की जांच को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब पुत्र की मौत के बाद पार्टी और अधिक व्यथित है।
आदिवासी नेता विजय ठाकुर ने कहा कि यह केवल आदिवासी समाज का नहीं बल्कि पूरे किसान समाज का मामला है। प्रशासन द्वारा जिस वन भूमि पट्टे को जारी किया गया, उसका सत्यापन अधिकारियों ने किया, भाग-1 और भाग-2 की पुष्टि हुई, वर्षों तक लेन-देन होता रहा, फिर अचानक एफआईआर दर्ज कर जेल भेजना और जेल में पिता की मौत तथा बाद में पुत्र की मौत कई संदेहों को जन्म देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक न तो मामले की जांच हुई और न ही परिवार को न्याय मिला, बल्कि परिवार ने एक और बेटे को खो दिया।
वहीं कांग्रेस नेता बसंत यादव ने कहा कि जीवन ठाकुर की मौत विषम परिस्थितियों में हुई थी, जिसकी जांच की मांग पहले भी की गई थी। पिता का अंतिम संस्कार होने के तुरंत बाद बेटे की तबीयत खराब होना और फिर उसकी मौत होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। नीरज ठाकुर युवावस्था में था, उसका विवाह भी नहीं हुआ था, ऐसे में उसकी मौत अत्यंत दुखद और रहस्यमय है। कांग्रेस पार्टी लगातार न्यायिक जांच की मांग कर रही है और यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने इस संबंध में अनुभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद कई घंटों तक चले चक्का जाम को समाप्त किया
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