चारामा बस स्टैंड के सार्वजनिक शौचालय की बदहाल तस्वीर आई सामने, गंदगी, दुर्गंध, टूटी सीटें और खराब व्यवस्थाओं से रोज जूझ रहे हजारों यात्री; बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुविधा भी हुई ध्वस्त, शुल्क वसूली पर उठे सवाल


चारामा 8 जून 2026:— नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 13 में स्थित बस स्टैंड के समीप बने सार्वजनिक सुलभ शौचालय की हालत इन दिनों बेहद खराब हो गई है। बस्तर संभाग के इस महत्वपूर्ण बस स्टैंड से प्रतिदिन हजारों यात्री आवाजाही करते हैं, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए शौचालय में मूलभूत व्यवस्थाओं का अभाव देखने को मिल रहा है।
शौचालय में गंदगी का अंबार:-सार्वजनिक शौचालय के अंदर चारों ओर गंदगी फैली हुई है। नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण यहां दुर्गंध का माहौल बना रहता है। शौचालय की कई टॉयलेट सीटें टूटी हुई हैं, दरवाजों की कुंडियां खराब हैं और बिजली की व्यवस्था भी बदहाल नजर आती है। ऐसी स्थिति में लोग शौचालय का उपयोग करने से कतराते हैं।
बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए बनी वेस्टर्न सीट भी टूटी:- आमतौर पर प्रत्येक सार्वजनिक शौचालय में बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और शारीरिक रूप से असहज लोगों की सुविधा के लिए कम से कम एक वेस्टर्न सीट की व्यवस्था की जाती है। लेकिन यहां स्थिति यह है कि वह वेस्टर्न सीट भी टूटी हुई पड़ी है। इससे सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है जिन्हें भारतीय शैली के शौचालय का उपयोग करने में दिक्कत होती है।
बगल में स्थित शौचालय की हालत भी खराब:- मुख्य शौचालय के साथ बने दूसरे सुलभ शौचालय की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। वहां भी साफ-सफाई और रखरखाव की कमी साफ दिखाई देती है। यात्रियों का कहना है कि सुविधाओं के नाम पर केवल भवन मौजूद है, लेकिन अंदर की व्यवस्था बदहाल है।
शुल्क वसूली पर भी उठ रहे सवाल:- स्थानीय लोगों और यात्रियों के अनुसार शौचालय उपयोग करने वालों से 10 रुपये तथा बाथरूम के लिए 5 रुपये शुल्क लिया जाता है। वहीं सूत्रों का कहना है कि बाथरूम की सुविधा निशुल्क होनी चाहिए, लेकिन यहां शुल्क वसूला जा रहा है।
जब इस संबंध में शौचालय संचालन से जुड़े एक व्यक्ति से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लोगों से कोई अनिवार्य शुल्क नहीं लिया जाता, बल्कि लोग अपनी स्वेच्छा से राशि देते हैं। उनका कहना है कि जहां तक जानकारी है, यह सुविधा निशुल्क है।
शौचालय की लाइटें भी खराब, रात में बढ़ती है परेशानी:- शौचालय में लगी कई लाइटें भी खराब और टूटी हुई हैं, जिससे शाम और रात के समय यहां आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य यात्रियों को शौचालय उपयोग करने में असुविधा होती है। अंधेरे और गंदगी के कारण लोगों में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।
यात्रियों को हो रही परेशानी:- बस स्टैंड होने के कारण यहां रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए स्वच्छ शौचालय सबसे जरूरी सुविधाओं में से एक है। लेकिन शौचालय की वर्तमान स्थिति के कारण लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गंदगी, बदबू और टूटी हुई सुविधाओं के कारण वे शौचालय का उपयोग करने से बचते हैं। कई बार मजबूरी में यात्रियों को अन्य स्थानों का सहारा लेना पड़ता है।
नगर की छवि पर पड़ रहा असर:- नागरिकों का कहना है कि किसी भी नगर की पहचान उसकी स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं से होती है। बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार की अव्यवस्था नगर की छवि को खराब कर रही है। यात्रियों के मन में भी नगर के प्रति गलत संदेश जा रहा है।
अध्यक्ष ने सुधार का दिया आश्वासन:-इस मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें अभी इस समस्या की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि संबंधित संस्था और जिम्मेदार व्यक्तियों से चर्चा कर जल्द ही शौचालय की साफ-सफाई, मरम्मत और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
अब देखना होगा कि नगर पंचायत और संबंधित संस्था इस गंभीर समस्या का समाधान कितनी जल्दी कर पाती है, ताकि हजारों यात्रियों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय की सुविधा मिल सके।
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