CG — तेलगुड़ा में रेत खदान पर बवाल, गलत तरीके से बनाए आधार कार्ड से समूह गठन का आरोप, ग्रामीणों ने की जांच की मांग

https://www.facebook.com/share/v/17wAABtgYH/
कांकेर 27 फरवरी 2026:- कांकेर जिले के चारामा ब्लॉक में रेत खनन को लेकर नया तरीका अपनाने का आरोप सामने आया है। ग्राम तेलगुड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कथित संगीता पॉल नाम की महिला का आधार कार्ड बनवाया गया है, जबकि वह महिला ग्राम की निवासी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि आधार कार्ड में जो पता दर्ज है, वह गांव में मौजूद ही नहीं है। आरोप है कि गलत तरीके से दस्तावेज तैयार कर महिला स्वसहायता समूह का गठन किया गया और संगीता पॉल स्वयं को समूह की अध्यक्ष बना बैठीं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में स्थित रेत खदान के संचालन के लिए रंजीत पॉल को जिम्मेदारी दी गई थी, जो संगीता पॉल के पति हैं। आरोप है कि रेत खनन के उद्देश्य से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर समूह का गठन किया गया और नियमों के विपरीत खनन कार्य किया जा रहा है।
ग्राम की पूर्व सरपंच एवं भाजपा युवा मोर्चा की जिला अध्यक्ष रूक्मणी उईके ने कहा कि संगीता पॉल गांव की निवासी नहीं हैं। उनके नाम से जो आधार कार्ड बना है, वह गलत तरीके से तैयार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी महिला द्वारा गांव में आकर भोली-भाली महिलाओं को बहलाकर समूह बनाया गया और स्वयं अध्यक्ष बनकर कार्य किया जा रहा है। आधार कार्ड में वार्ड 15 का जो पता अंकित है, वह भी गलत बताया जा रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एक अन्य ग्रामीण ने भी बताया कि संगीता पॉल न तो तेलगुड़ा की निवासी हैं और न ही उनका यहां कोई मकान है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
ग्राम निवासी राजेंद्र प्रसाद ने आरोप लगाया कि संगीता पॉल का आधार कार्ड और उसमें दर्ज मकान नंबर फर्जी है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा कांकेर कलेक्टर, जिला खनिज अधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा थाना चारामा में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्राम निवासी द्वारका राम नागवंशी ने बताया कि उनकी पत्नी लक्ष्मी नागवंशी का नाम भी मोहब्बत स्वसहायता समूह में जोड़ दिया गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया और कहा कि समूह में किसी को भी मनमाने ढंग से अध्यक्ष नहीं बनाया जा सकता, तो संगीता पॉल द्वारा कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। उन्होंने भी आधार कार्ड को फर्जी बताया है।
हालांकि इस पूरे मामले में जब संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई, तो उनका कहना था कि यह जांच का विषय है।
ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।

Live Cricket Info









