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CG — अबूझमाड़ में बदलाव की नई तस्वीर: जवानों और ग्रामीणों ने मिलकर बनाए 8 पुल, बारिश में नहीं कटेगा संपर्क

CG — अबूझमाड़ में बदलाव की नई तस्वीर: जवानों और ग्रामीणों ने मिलकर बनाए 8 पुल, बारिश में नहीं कटेगा संपर्क

नारायणपुर 8 जून 2026:— कभी नक्सलियों के गढ़ के रूप में पहचान रखने वाला अबूझमाड़ अब विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। आईटीबीपी की 53वीं वाहिनी, छत्तीसगढ़ पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में नदी-नालों पर लकड़ी और बांस के 8 छोटे-बड़े पुलों का निर्माण किया गया है। इससे बारिश के दिनों में ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।

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अबूझमाड़ के कोड़ेनार, आदिगपार और मदोड़ा जैसे गांवों में हर साल बरसात के दौरान नदी-नालों का जलस्तर बढ़ जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता था। स्वास्थ्य सेवाएं, राशन वितरण और अन्य जरूरी सुविधाएं भी प्रभावित होती थीं। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क लगभग चार महीने तक टूट जाता था, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

ग्रामीणों की इसी समस्या को देखते हुए आईटीबीपी के जवानों, जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने जनहित में पहल करते हुए करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में 8 पुलों का निर्माण कराया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतियों के बावजूद जवानों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बांस और लकड़ी से इन पुलों को तैयार किया।

इन पुलों के बनने से अब ग्रामीणों का आवागमन आसान होगा। साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं, राशन वितरण और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पहुंच भी बेहतर हो सकेगी। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया।

एक समय ऐसा था जब अबूझमाड़ क्षेत्र में सड़क, पुल और विकास कार्यों का नक्सलियों द्वारा विरोध किया जाता था। आज हालात बदल चुके हैं। सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित होने के बाद क्षेत्र में सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों को भी गति मिली है। जो जवान पहले नक्सल विरोधी अभियान में जुटे रहते थे, वे अब जनकल्याण और विकास कार्यों में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

कभी नक्सलियों की राजधानी कहे जाने वाले अबूझमाड़ में अब बदलाव साफ दिखाई देने लगा है। जहां वर्षों पहले लोगों का पहुंचना भी मुश्किल था, वहीं आज ग्रामीण और सुरक्षा बल मिलकर विकास की नई इबारत लिख रहे हैं। नारायणपुर जिला अब नक्सल प्रभावित क्षेत्र की पहचान से आगे बढ़कर विकास और बदलाव की नई मिसाल बनता नजर आ रहा है।

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