CG — वीर गुण्डाधुर जी की जयंती और भूमकाल दिवस के अवसर पर ग्राम ऊंकारी में भगवान बिरसामुंडा प्रतिमा का लोकार्पण किया गया।

कांकेर 10 फरवरी 2026:- कांकेर जिले के चारामा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम उंकारी में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। यह आयोजन वीर गुण्डाधुर जी के जयंती और भूमकाल दिवस के पावन अवसर पर रखा गया, जिसमें क्षेत्रभर से आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम में गोंडवाना समाज, युवा प्रभाग एवं सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी, समाज प्रमुख, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन मौजूद रहे। पूरे गांव में तेवहार जैसा माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत समाज के युवक-युवतियों द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य के साथ अतिथियों के स्वागत से हुई। स्वागत रैली के माध्यम से अतिथियों को कार्यक्रम स्थल तक लाया गया, जहां विधि-विधान के साथ भगवान बिरसा मुंडा जी की नई प्रतिमा का लोकार्पण किया गया।
लोकार्पण के बाद आयोजित सभा में सभी अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाज से फूल-मालाओं द्वारा सम्मान किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने धरती आबा बिरसा मुंडा जी के संघर्ष, बलिदान और आदिवासी समाज के उत्थान में उनके योगदान को याद किया।
समाज के वरिष्ठ नेता ठाकुर राम कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि धरती आबा बिरसा मुंडा जी केवल एक महापुरुष नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की आत्मा हैं। उनकी प्रतिमा का लोकार्पण समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा जी के जीवन से युवाओं को अपने इतिहास, संस्कृति और संघर्षों को जानने व समझने की प्रेरणा मिलेगी। ग्रामीणों ने प्रतिमा स्वीकृति एवं स्थापना में योगदान के लिए ठाकुर राम कश्यप का आभार व्यक्त किया।
सभा को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय विधायक सावित्री मंडावी ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा जी ने आदिवासी समाज को अपने अधिकारों के लिए जागरूक किया और आत्मसम्मान के साथ जीने का रास्ता दिखाया। विधायक ने कहा कि ऐसी प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों को अपने महापुरुषों के इतिहास से जोड़ने का कार्य करती हैं।
वहीं समाज प्रमुख ललित नारायण गोटी ने भगवान बिरसा मुंडा जी के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बिरसा मुंडा जी के विचारों, संघर्ष और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्थान, आत्मसम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए धरती आबा के जीवन को जानना और समझना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज प्रमुख एवं जनपद पंचायत चारामा के उपाध्यक्ष ठाकुर राम कश्यप ने समाज में एकता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों, आपसी भाईचारे और समाज के बड़ों के आदर-सम्मान का महत्व समझाया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा जी द्वारा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भी इन मूल्यों की रक्षा करना समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अंत में ग्राम सरपंच भीखम कांगे ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी सामाजिक पदाधिकारियों, अतिथियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से यह कार्यक्रम सफल हो सका और ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर समाज के लोगों ने एकजुट होकर धरती आबा बिरसा मुंडा जी के विचारों पर चलने और समाज के हित में कार्य करने का संकल्प लिया।
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